रविवार, 12 जुलाई 2020

बरसाती पानी में बह गये राजनीतिक नेताओं के सभी भरोसे, पहली बरसात का जोर न सहन करते हुए घग्गर नदी का बांध हुआ ढेरी

इस खबर को हटाने के लिए रिपोर्ट किया गया 12/07/2020 21:13:46 -रिपोर्ट को सम्पादकीय टीम को सौंपा गया


पुनीत शर्मा, मूनक: 12 जुलाई जैसे कि पिछले कुछ समय से सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता किसानों को भरोसा देते आ रहे थे कि वह चाहे पंजाब सरकार या फिर अपने निजी फंड से घग्गर दरिया के लिए करोड़ों रूपये जारी करवा चुके हैं लेकिन जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हुआ और हर वर्ष की तरह घग्गर दरिया का जल स्तर बढऩा शुरू हुआ तो घग्गर दरिया के टोहाना रोड़ पर पुल से आधा किलोमीटर दूर मूनक वाली साइड घग्गर दरिया का बांध ढेरी हो गया। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि खेतों में जमा बरसात का पानी जोकि आरजी पाइप के द्वारा इस दरिया में डाला जाता है वहां से मिट्टी खिसक कर 50 फुट बांध घग्गर में चली गई। अब बात यह है कि अगर पानी का जल स्तर बढ़ जाता है तो यह पिछले वर्ष की तरह लगभग एक दर्जन गांवों की हजारों एकड़ फसल मिनटों में बर्बाद कर देगा। इस बांध के ढेरी होने के बाद बचाव के लिए किसान अपने स्तर पर बांध की मुरम्मत में लग गये और प्रशासन से मांग कर रहे थे कि वह पिछले कई वर्षों से यह मुद्दा उठाते आ रहे हैं कि इस पाइप का कोई स्थायी हल निकाला जाए क्योंकि जब भी बरसात में घग्गर का जल स्तर बढ़ता है तो सबसे पहले बांध इस जगह से ही कमजोर होकर टूटता है लेकिन प्रशासन हर वर्ष करोड़ों रूपये खर्च करने का दावा तो करता है परन्तु इन पाइपों का कोई स्थायी हल नहीं निकालता जोकि सबसे जरूरी है। दूसरी ओर प्रशासन हर वर्ष की तरह जेसीबी, मिट्टी के गट्टे, जाल आदि के प्रबंध में लगा हुआ था।

Press Brief 11/07/2020 by Dy. CM Manish Sisodia, Delhi